दिल्ली ने भाजपा के धुव्रीकरण को नकार आप के विकास को चुना
शुभम शर्मा।
नई दिल्ली, 11 फरवरी। दिल्ली विधानसभा के परिणाम चौकाने वाले हैं। भाजपा ने यहां काफी मशीनरी खर्च की है। जिसके बाद भी यहां बाजी आम आदमी पार्टी की तरफ जाती दिख रही हैं। शुरुआती रुझानों में आप के सर दिल्ली का ताज सजता नजर आ रहा हैं। दिल्ली सरकार में मंत्री रहे गोपाल राय ने इन नतीजों पर कहा है कि “दिल्ली में नफरत की राजनीति नहीं बल्कि अरविंद केजरीवाल ने जो काम करने वाली देशभक्ति की है उसकी राजनीति चलेगी।“ बीजेपी ने यहां चुनाव प्रचार में काफी आक्रामकता दिखाई थी, उन्होने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की योजनाओं के आगे हिंदूत्व का मुद्दा उठाया था, जिसे दिल्ली की जनता ने सिरे से नकार दिया है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने इन रुझानों पर कहा है कि “दिल्ली के लोगों ने बीजेपी को एंटी नेशनल घोषित कर दिया है। दिल्ली में बीजेपी के घमंड की हार हुई है, विकास और विश्वास को जीत मिली है।“ भाजपा की तरफ से प्रचार में यहां वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद प्रवेश वर्मा ने विवादित बयान दिये थे। जिसे राजनीतिक पंडित धुव्रीकरण की ओर चुनाव का झुकाव बता रहे थे। भाजपा नेताओं ने प्रचार में शाहीन बाग में सरकार विरोध कर रही महिलाओं को चुनावी मुद्दा बनाया था, यह प्रदर्शनकारी तकरीबन दो महीने से नागरिक संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं।
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| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अरविंद केजरीवाल |
जिसकों बीजेपी ने काफी भुनाने की कोशिश की थी। ग्रहमंत्री अमित शाह सहित उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी रैलियों में इस बारे में काफी बाते की थी। जिससे यहां की राजनीति में काफी उबाल भी आया था, एक समय तक आप की एकतरफा बाजी मानी जा रही दिल्ली में बीजेपी ने इस विषय से संजीवनी पाई थी। खबर लिखे जाने तक बीजेपी ने अपने पुराने प्रदर्शन 3 सीटो को तो सुधारा हैं। वही अगले पांच वर्षो तक वह फिर विपक्ष पर बैठने के लिए मजबूर है। लोकसभा में विपक्ष के नेता अंधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि “दिल्ली का जनादेश बीजेपी के सांप्रदायिक एंजेडे के खिलाफ है। उन्होने कहा, सबको पता था, कि आम आदमी पार्टी सत्ता में वापिस लौट रही है। कांग्रेस की हार दुखद है लेकिन आप की जीत बीजेपी के सांप्रदायिक एजेंडे के खिलाफ है।“

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