सीख
दुयोधन के मरते समय अंतिम शब्द थे कि मै अपने साथ वीर योद्धा (भीष्म पितामह ़ दोणाचाय ़ कर्ण ़अभिमन्यु ) ले कर जा रहा हुँ अब ( पाण्डव ) तुम अहसायो और बीमारो के साथ राज्य करो ़
कभी कभी कुछ पाने के लिए बहुत कुछ त्यागना पडता है
सफलता सब कुछ ही नही होती है
कभी कभी हम जीत कर भी वह सब नही पा पाते जो हम पाना चाहते है
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