बिहार चुनाव
बिहार चुनाव २०१५ अंतत महागठबंधन ( जेडीयू+आर जे डी+काग्रेस) की जीत के साथ सम्पन्न हुआ | बिहार की जनता ने नीतिश कुमार की फिर सत्ता में वापसी कर सुशासन बाबु की छवि को सत्यापित कर दिया एक तथ्य यह भी है कि नीतिश की पार्टी से ज्यादा लालु की पार्टी को सीटे मिली है जिससे लालु की भी बिहार की राजनीति में जोरदार वापसी हुई है | नीतिश, लालु के सहारे काग्रेस ने ४० में से २७ सीटे जीतकर नरेन्द्र मोदी के काग्रेसमुक्त भारत के सपने को चकनाचुर कर दिया |
पहले लोकसभा फिर महाराष्ट्र,हरियाणा,जम्मु कश्मीर झारखण्ड की जीत से उत्साहित भाजपा के नायक नरेन्द्र मोदी के विजय रथ को पहले दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल ने और अब बिहार में नीतिश कुमार ने भेद दिया है |
बिहार में महागठबंधन की जीत नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म देगी अभी लोकसभो के उपचुनावों और पश्चिम बंगाल और यू पी के चुनावो में बीजेपी के खिलाफ यह समीकरण काम करेगा |
अब मोदी और बीजेपी को भी समझना पडेगा की राज्य के चुनावो में राष्ट्रीय मुद्दे काम नही आते अपिंतु राज्यों में स्थानीय नेताओं को भी तवज्जो देनी पडती है एक चेहरे के बल पर आप पूरे देश के चुनाव नही जीत सकते |
इस जीत ने भाजपा में मोदी विरोधी खेमे को भी संभावनाएं दिखाई है आडवाडी जी के जन्मदिन पर मोदी जी बिहार जीत का तोहफा उन्हे नही दे पाए | जो भी हो बिहार की जनता ने अपने पांच साल नीतिश के राज में विकास को सोपे है |
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