लव का देवता कामदेव
प्यार में लोग अक्सर धोखा इसीलिए खाते है, क्योंकि प्यार के देवता (कामदेव) के हाथ में धनुष है और न्याय की देवी की आंख में पट्टी बंधी है, हम प्यार को अंधा कहते है, पर देख तो न्याय की देवी नहीं सकती है| तराजू यदि प्यार को तोलता तो ज्यादा कामगर होता पर वह न्याय का मापक है। जिसके हाथ में धनुष है, वह तो आखिरकार मारने का ही काम करेगा बस इसी धारणा से सारी प्रसिद्ध प्रेम कथाओं का अंत दुखद ही है| पंजाब की एक प्रसिद्ध प्रेम कहानी जो बाबा वारिसशाह ने 1767 ई. में गढ़ी थी, जिसे सुन एक रांझो की जमात पंजाब में कायम हो गई वह भी आखिरकार एक तड़पन की व्यथा थी। जब 1965 में आर के नारायण के अंग्रेजी उपन्यास द गाइड पर देव आनंद और वहीदा रहमान के अभिनय से सजी मूवी तैयार हुई तो जनता को शादी के बाद पत्नी के दूसरे पुरूष से संबंध पर ऐतराज था, लोगों को यह तबके भारत की कहानी नहीं लगी पर मूवी में भी देवानंद के पात्र राजू की जबरन उपवास से बारहवें दिन मौत हो जाती है, यह भी अचरज है कि उसके प्यार से समाज निकाला, जेल और संत वेशभूषा में मौत तक की कहानी प्रेम को अमर दिखाती है पर प्रेम व...