उमंग

पैरो को जम़ीन से थामे रखा है
मैने रिश्तों को खुटी से बांधे रखा है |

लाख ऱजिशे की मुझे उकसाने की
पर मैने अभी भी होश को संभाले रखा है |

जज्बा , काबिलियत , उमंग भी है
पर मैने अभी भी लोगों के हाथो को थामे रखा है

पैरो को जम़ीन से थामे रखा है
मैने रिश्तों को खुटी से बांधे रखा है |

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