तुक़

व्यस्त है अपनी व्यस्ताओं में दो पल के सुकून की तलाश में...

प्रियसी निहारन हम चले
कन्या मिली न कोएं
ऐसी प्रियसी चाहिए
जो प्रिया निंहारन होए |

                           शुभम

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