गाँधी जी के विचारों का वर्तमान परिद्रश्य
महात्मा गाँधी - भारत की विश्व को अनमोल देन
मैने भारत की एक महान शख्सियत
# मोहन_दास_क्रमचंद्र_गाँधी जिनकी प्रांसगिकता आज भी हमारे देश में बनी हुई हैं , गाँधी जी के बारे में आप जितना पढ़ेगे, सुनगे उतना ही उनको जानने के लिए उत्सुक होगे उनका पूरा जीवन एक मिस़ाल है विश्व के लिए ,गाँधी जी यू तो 1948 में मिट्टी के शरीर को छोड़ गए पर उनके विचार आज भी हमारे बीच मौजुद है | जब इंदिरा गाँधी जी जनता के बीच संबोधन देती है तो वह गाँधी जी का जिक्र करना नहीं भूलती थी आज भी जब भारत के प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान की बात करते है ,नशा मुक्ति की बात करते है तो वह गाँधी जी के सपनो के भारत को ही मूर्त रूप देने की बात करते है, गाँधी जी का हमेशा से ही हमारे समाज से जुड़ाव रहा हैं |
एक बुढ़ा आदमी धोती को वस्त्र के रूप में धारण कर एक लाठी के सहारे आजादी की धारा को भारत की धरा में व्यापकता से फैलाने वाले गाँधी जी के विषय में माखनलाल चतुर्वेदी जी के शब्दों में " बापू लंबे लंबे चलकर आए ,सिर में खादी का एक श्वेत टुकड़ा बंधा था ,घुटनो तक खादी की एक धोती पहने हुए थे उनके एक हाथ में लाठी थी, दूसरा हाथ एक स्वयं-सेवक के कंधे पर रखा हुआ था | बदन खुला था दो-दो की कतार में सारी सेना कह रही थी: रघुपत्ति राघव राजाराम ,पतित पावन सीताराम मानो यह नमक सत्याग्रह के युद्घ में रण -वाहिनी का घोषणा -मंत्र था | " गाँधी जी ने अपने जीवन काल में ' यंग इडिया' ,हरिजन जैसे समाचार पत्र प्रकाशित कर पत्रकारिता के माध्यम से भारत के जनसामान्य को स्वतंत्रता आंदोलनों से जोड़ा | गाँधी जी गॉव स्वराज्य के पक्षधर थे वह मानते थे कि 'भारत गॉवो मे बसता हैं ' अगर भारत का विकास करना हैं तो गॉव का विकास आवश्यक है पर विकास का अंधीदोड़ नहीं गाँधी जी नशे के विरोधी थे और भारत को नशे से दूर रखना चाहते हैं स्वदेशी के पक्षधर गाँधी जी की जयंती पर उन्हे शत शत नमन !!!!!
शब्द कम पड़ गए पर किस्से हजार है बापु के बारे में उनके शाश्वत होने के हमारे देश की वर्तमान परिस्थति पर
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