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अप्रैल, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मोदी जी का इलेक्शन 2019 और अति राष्ट्रवाद

मोदीजी निजी तौर पर एक प्रधानमंत्री के रूप में मुझे ज्यादा प्रसंद नहीं है, उनकी कार्यशैली से मुझे तानाशाही और अभिमान की गंध आती है, वह जब जब विपक्ष के साथियों के बारे में बोलते है, ऐसा लगता है,कि कोई छुटभैया नेता बोल रहा हो, दश्वे विश्व हिंदी सम्मेलन को सहित उन्हें चार बार लाइव सुनने का मौका मिला है, हमेशा उनका भाषण रसविहीन सा लगता है, इसीलिए उनके भाषणों में या तो मैंने नींद  की झपकियां ली है या वहां से पतली गली नापी है, हमेशा ऐसा लगता है, जैसे वह खुद को रिपीट करने की कोशिश कर रहे है, यूट्यूब पर 1977 के चुनाव में जनता पार्टी की जीत के बाद दिल्ली की एक सभा की वीडियो मैंने देखी, उसमें प्रधानमंत्री मोरारजी भाई से ज्यादा तालियां वाजपेई जी के आने पर बजी थी, तबकी तालियां आज की तालियों के उलट अच्छे वक्ता होने की निशानी थी, तब करतल ध्वनि का मतलब अच्छे व्यंग से होता था, अब तो विरोधी को गालियां देने पर भीड़ ज्यादा हो हल्ला करने लगती है, राजनीतिक व्यंग अब भाषणों से गायब सा हो गया है, जिस तरह राजनीति से नैतिकता का लोप हो रहा है, वैसे ही राजनीतिक शुचिता और अच्छी शब्दावली पतन की और है। द्वापर य...

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर बनाम दिग्गी राजा

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भोपाल से प्रज्ञा ठाकुर जी को भाजपा ने टिकट दिया है, जिन्होंने कभी भोपाल के मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद नहीं की है, वह कट्टर हिंदूत्व के बलबूते अपनी राजनीति साधती आई है, लेकिन उनपर एक प्रचारक की  हत्या का आरोप लगा है, जो कि उन्ही की विचारधारा का व्यक्ति था, भोपाल शुरू से गंगा जमुनी तहजीब का शहर रहा है, जहां पर्दा, जर्दा और गर्दा के शहर से लेकर एक स्वच्छ राजधानी के रूप में अपनी पहचान बनाई है, सांसद जनता का सेवक होता है लेकिन प्रज्ञा दीदी के हाव भाव कही से भी सेविका जैसे नहीं है, जहां अमेरिका जैसा देश शस्त्र कानून के खिलाफत में अपनी आवाज बुलंद कर रहा है, वही वह सभी के हाथों में हथियार देखना चाहती है, भोपाल सीहोर लोकसभा सीट में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का मुकाबला कांग्रेस के दिग्गी राजा से है, जो नर्मदा परिक्रमा करके खुद के हिंदूत्व को पिछले तीन वर्षों में मजबूत करते नजर आएं है, उन्होंने जबलपुर में विद्यासागर महाराज, झोतेश्वर में स्वरूपानंद सरस्वती, रायसेन में दरगाह में हाजरी लगाकर एक साथ हिंदू, मुस्लिम और जैन धर्म के धर्म गुरु और धार्मिक स्थलों पर माथा टेका है, भोपाल क्षेत...