कालाघर
कालाघर एक ऐसी जगह जहां काला रंग श्रेष्ठता का प्रतीक है , जहां काले रंग की महिलाओं के लिए पुरूष तरसते है। जहां मुझ अभागे को इसीलिए संगनी नहीं मिली क्योकि इनके पैमाने पर मेरे बदन का रंग गेरुआ है , दूसरी नजर में मैं श्याम रंग का श्यावला हुं पर खुबसूरत काला रंग का न होने के कारण मुझे मेरे गांव की लड़की देखती तक नहीं है , दरअसल मेरे गांव का नाम कालाघर है , जैसा कि नाम से ही समझ आता है , हमारे पूरे गांव में कोई गोरा नहीं है , एक मंझोले दादा यहां पैदा हुए आखरी गोरे रंग के व्यक्ति थे पर इसी कारण वह आजीवन कुंवारे रहे , वह इतने बदसूरत थे , कि हम उन्हे देखकर उल्टी करने को मजबूर हो जाएं , भद्दे से सफेद रंग का उनका बदन ढ़कने के लिए वह अक्सर काले रंग के कपड़े पहनते थे , उन्होने काले होने के लिए खूब मेहनत भी की वह तेज धूप में घंटों खड़े रहते थे , सरसों के तेल के दीपक को जलाकर उसके उपर खाली दीपक रखकर उसकी कालिख को सोते समय चेहरे पर घिसा करते थे पर उनकी गोरे रंग की बदसूरती ने उनका पीछा नहीं छोड़ा , नहर के पास छ...