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शब्द किताबों से मिलते हैं जिनका अर्थ हमें घूमने से मिलता है

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t शब्द किताबों से मिलते हैं जिनका अर्थ हमें घूमने में मिलता है, यह बात वरिष्ठ पत्रकार विष्णु प्रभाकर कहा करते थे। आज पत्रकारिता के दो पहलू नजर आते हैं, एक तबका किताबों की ओट से दुनिया को देखता है। वही दूसरी तरफ घाट-घाट का पानी पीने वाले कलमकार दिखते हैं। जबकि पत्रकारिता इन दोनों ही बातों के बीच का मध्यम मार्ग है। गांव जमीन को छानने से हमे भारत के जनजीवन की आंतरिक सतह को छूने का मौका मिलता है। हमें विविधताओं से भरे हमारे देश के आदिवासी, जनजाति और गरीब तबके को जाने बिना हम देश की आधी आबादी से अछूते रह जाते हैं। यह समाज का वह हिस्सा है, जो अपनी समस्याओं को सीधे  किसी अंजान से साझा नहीं करते हैं। वह चाहते हैं कि सामने वाला उनको मन की बात को समझें, उनके मुंह से माइक सटाने वाले पत्रकार से वह कभी अपनी पीड़ा नहीं बता सकते हैं। मैला आंचल लिखने वाले फणीश्वर नाथ रेणु ने 1975 में बिहार में आई बाढ़ और सूखे की भयावह त्रासदी की रिपोर्टिंग की थी, उनका रिपोर्ताज आगे जाकर ऋणजल धनजल नाम के शीर्षक के साथ छपा था। उन्होंने ऋणजल यानि पानी का घटना (सूखा) और धनजल यानि (बाढ़) का वर्णन इस तरीके से कि...

अयोध्या निर्णय के बाद इस मौलाना को याद करना जरूरी है

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अयोध्या केस का फैसला आ गया है , फैसले में किसी भी पक्ष की न जीत हुई है , न किसी पक्ष की हार हुई है। वर्षों तक विवादित र ही इस भूमि को हिंदू मुस्लिम एकता के लिए रोडा माना जाता रहा है ‌। जबकि यह सुप्रीम कोर्ट का दिया निर्णय इन दोनों ही धर्मों के मानने वालों के आपसी भाईचारे की अनोखी मिसाल कहा जा सकता है। इस फैसले के बीच देश के वातावरण से वह महीन सी विचारधारा झलक रही है , जिसे हमारे पूर्वज गंगा जमुनी तहजीब कहा करते हैं। इस तहजीब को विकसित करने में एक मौलाना का नाम उल्लेखनीय हैं , जिनका आज जन्मदिन भी है। मौलाना आजाद वह नीव का पत्थर है , जो ऐसे ही भारत की कल्पना करते थे , जहां यह दोनो धर्म एक भारतीयता के रंग में रंगे हुए दिखे।   भारत को नया नाम देने वाले आजाद मौलाना अबुल कलाम आजाद एक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी , देश के पहले शिक्षा मंत्री के साथ - साथ एक धर्म गुरु मौलाना भी थे। इनका जन्म 11 नवंबर 1888 में मक्का सउदी अरब में हुआ था। वह इस्लाम की गहरी समझ रखते थे , जब देश का धर्म के नाम पर विभाजन हो रहा था , उस समय मौलाना आजाद इस्लामी मुल्क पाकिस्तान के साथ न होकर धर्मनि...